लघुकथा शोध केंद्र समिति, भोपाल (म.प्र.) द्वारा महिमा शुभ निलय फेज-२ जयपुर में दिनांक 17.09.2023 को आयोजित साहित्य समागम एवम् अभिनंदन समारोह


लथुकथा शोध केंद्र भोपाल की निदेशक आदरणीय कांता रॉय दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए

लथुकथा शोध केंद्र भोपाल द्वारा अभिनंदन, साथ में आदरणीय प्रबोध गोविल और आदरणीय डॉ. सुरेश पटवा



भोपाल से साहित्यिक और पारिवारिक मित्र आदरणीय गोकुल जी को जब दिनांक 17.09.2023 को अपने नए आवास पर आयोजित सेवानिवृत्ति समारोह के लिए आमंत्रित किया तो उनकी ओर से सुझाव आया कि क्यों न इसी कार्यक्रम के साथ एक साहित्यिक कार्यक्रम भी रख लिया जाए. गोकुल जी वर्तमान में लघुकथा शोध केंद्र, भोपाल के उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ मध्य प्रदेश लेखक संघ के कार्यकारिणी सदस्य, पत्रिका देवभारती के संपादकीय सदस्य एवम् मासिक पत्रिका ‘लघुकथा वृत्त’ के उप संपादक हैं. चर्चा आगे बढी और लघुकथा शोध केंद्र, भोपाल की निदेशक आदरणीय श्रीमती कांता रॉय और सचित आदरणीय घनश्याम मैथिल ‘अमृत’ ने भी सहर्ष इस समारोह के लिए अपनी हाँमी भर दी. संयोग देखिए कि ख्यातलब्ध वरिष्ठ साहित्यकार-पूर्व स.महाप्रबंधक एस.बी.आई. आदरणीय डॉ. सुरेश पटवा जी, 14 सितंबर को हिंदी भाषा शिरोमणि मानद उपाधि और रामरघुनाथ स्मृति सम्मान प्राप्त करने लिए नाथद्वारा में उपस्थित थे. 

जब गोकुल जी ने उनसे चर्चा की तो उन्होंने बिना किसी दूसरे विचार के तुरंत जयपुर की (तत्काल) ट्रेन टिकिट बुक करवा ली और नियत तिथि से एक रोज पूर्व पहुंच कर लघुकथा शोध केंद्र समिति भोपाल के पदाधिकारियों एवम् स्थानिय साहित्यकारों से समन्वय करते हुए इस समारोह की रूपरेखा, बैनर्स आदि को अंतिम रूप दिया. 

अब मेरी जिम्मेवारी थी जयपुर के साहित्यकारों को आमंत्रित करने की. अधिक परिचय नहीं होने के कारण यथा संभव अल्प समय में जिन साहित्यकारों से सम्पर्क हो सका और जो रविवार को उपलब्ध थे उन्हें सादर आमंत्रित किया गया. जयपुर से वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय प्रबोध जी 'गोविल', आदरणीय जग मोहन जी रावत, बोधि प्रकाशन के मालिक और वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय मायामृग जी, वैशाली नगर जयपुर से आदरणीय डॉ. रामावतार शर्मा, व. साहित्यकार आदरणीय शिवानी जी, 'नारी कभी ना हारी-लेखिका साहित्य संस्थान जयपुर' से व. साहित्यकार आदरणीय वीणा जी चौहान और आदरणीय नीलम जी सपना ने मेरा आमंत्रण स्वीकार किया. तथापि व. साहित्यकार आदरणीय नंद जी भारद्वाज, आदरणीय लोकेश कुमार साहिल एवम् आदरणीय प्रेमचंद जी गांधी अन्य अति आवश्यक कार्यों की वजह से शामिल न हो सके. 

बीकानेर से सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ. चंचला पाठक, पूर्वोत्तर के वृहद साहित्य सृजक फरीदाबाद से आदरणीय विरेंद्र परमार और रावतसर से हास्य व्यंग्य कलाकार, मारवाङी व हिंदी के गीत लेखक, कवि एवम् गायक आदरणीय मदन जी पेंटर ने भी मेरे आग्रह पर अपना अमुल्य समय निकाल कर इस कार्यक्रम की शोभा बढाई. कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री प्रबोध गोविल जी ने की. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती कांता रॉय और विशिष्ठ अतिथि श्री सुरेश पटवा एवम् श्री गोकुल सोनी थे. मंच संचालन श्री घनश्याम मैथिल अमृत ने किया. लगभग सोलह साहित्यकारों ने कविताएं, गीत, ग़ज़ल, लघुकथाएं और व्यंग्य प्रस्तुत कर इस 'साहित्य समागम' को एक अविस्मरणीय कार्यक्रम बना दिया.

लघुकथा शोध केंद्र समिति भोपाल के सदप्रयासों और मध्यप्रदेश, हरियाणा एवम् राजस्थान से पधारे वरिष्ठ साहित्यकारों की सहभातिता से सेवानिवृत्ति के इस समारोह को एक साहित्यिक क्लेवर मिला. और समारोह पूर्वक अभिनंदना करते हुए जिस प्रकार भोपाल के साहित्यिक मित्रों ने मुझ अकिंचन को गौरवांवित किया, उसका आभार व्यक्त करने के मैं नि:शब्द हूँ. इस अवसर पर दो अभिनव प्रयोग हुए, प्रथम- मैंने सभी मेहमानों से आग्रह किया था कि किसी भी प्रकार के उपहार न लाएं, और यदि बहुत ही आवश्यक समझें तो पुस्तकें भेंट कर दें. मुझे खुशी है कि मेरे इस आग्रह पर अमल करते हुए अधिकांश मेहमानों ने विभिन्न विषयों पर चुनिंदा पुस्तकें भेंट की. यदि खुशी के समारोहों में इस प्रकार की परम्परा को जारी रखा जाए तो यह साहित्यकारों और साहित्य के प्रति अत्यंत सुखद एवम् प्रोत्साहन करने वाला कदम हो सकता है. द्वितीय- अभिनव प्रयोग आदरणीय गोकुल जी और कांता जी के सद्प्रयासों और प्रेरणा से हुआ- यानि कि व्यक्तिगत खुशी के एक समारोह को एक साहित्यिक कार्यक्रम व साहित्यकारों से जोङने का. कार्यक्रम के अध्यक्ष आदरणीय प्रबोध जी गोविल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में इस बात को रेखांकित करते हुए इसे एक सकारात्मक पहल बताया. उम्मीद है महिमा शुभनिलय के प्रांगण में आयोजित इस प्रथम साहित्यिक समागम से भोपाल और जयपुर के साहित्यिक रिश्तों के एक नए युग का सुत्रपात होगा. सभी साहित्यकारों का तहेदिल धन्यवाद-आभार- शुक्रिया.

डॉ. सुरेश पटवा के साथ  

बाँए से, श्री गोकुल सोनी, श्रीमती कांता राय, श्री घनश्याम मैथिल, डॉ. विरेंद्र परमार,
डॉ. सुरेश पटवा और श्री दयाराम वर्मा

श्री मदन गोपाल 'पेंटर' गीत प्रस्तुत करते हुए

श्रीमती शिवानी जी रचना पाठ करते हुए

श्री मायामृग जी अपनी काव्य प्रस्तुति देते हुए

डॉ. चंचला पाठक गीत प्रस्तुत करते हुए

डॉ. विरेंद्र परमार व्यंग्य प्रस्तुत करते हुए

मंच संचालक श्री घनश्याम मैथिल 'अमृत'

डॉ. रामावतार शर्मा का स्वागत करते हुए श्री गोकुल सोनी

श्रीमती कांता राय अपना उदबोधन देते हुए


श्रीमती नीलम कुमारी सपना, श्रीमती वीणा चौहान और श्रीमती कांता रॉय

श्री प्रबोध गोविल, श्रीमती नीलम कुमारी सपना का स्वागत करते हुए

श्री प्रबोध कुमार गोविल, अध्यक्षीय उद्बोधन 

श्री जे. एम. रावत का स्वागत करते हुए श्री गोकुल सोनी






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