संक्षिप्त समीक्षा 

सकारात्मक अर्थपूर्ण सूक्तियाँ
लेखक हीरो वाधवाणी


जीवन एक संघर्ष है। उतार-चढ़ाव आते हैं, सुख-दु:ख आते हैं, लाभ-हानि होती है। बहुधा प्रतिकूल परिस्थितियों में इंसान को निराशा, भय और अवसाद के भंवर घेर लेते हैं। आदरणीय वाधवानी जी की 168 पृष्ठों की ‘सकारात्मक अर्थपूर्ण सूक्तियाँ’ नामक पुस्तक में, जिसका प्रथम संस्करण ‘अयन प्रकाशन नई दिल्ली’ से हुआ है; जिन अमूल्य प्रेरणास्पद व सकारात्मक जीवनोपयोगी सूक्तियों का सारगर्भित संकलन किया है वे निश्चितत: पाठक के मन में उमड़ते संशयों, भ्रमों, चिंता व दुश्चिंताओं का शमन कर तपती धूप में शीतल बयार के झोंके की भांति एक अभिनव सोच और ऊर्जा प्रवाहित कर उसमें पुन: जीवन रूपी संघर्ष को सहज भाव से जीने की ओजस्वी चेतना फूँक देती हैं।

गागर में सागर ये सूक्तियाँ हमें बरबस महान संत कबीर और रहिम दास के दोहों की याद दिलाती है। हिन्दी साहित्य को ऐसी संग्रहणीय कृति प्रदान करने के लिए वाधवानी जी को साधुवाद और अनंत शुभकामनाएं।

समीक्षक-दयाराम वर्मा, भोपाल (एमपी) 29.09.2018




                  हीरो वाधवानी



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